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Sunday, December 29, 2019

पंक्षी V फॉर्म में क्यों उड़ते हैं? Why birds are flying in V shape?

पंक्षी V फॉर्म में क्यों उड़ते हैं?  Why birds are flying in V shape?


      पंछी जिन्हे हम बचपन से देखते आ रहे हैं, हम मनुष्यों का पक्षियों कि तरफ आकर्षण कुछ ज़्यादा ही होता है, और हो भी क्यों ना आखिर पंछी होते ही इतने अकर्षक हैं।
                            

        पूरी दुनियां में पक्षियों की लगभग 9000 प्रजातियां को खोजा गया है, जिसमें से लगभग 1200 प्रजातियां भारत में खोजी गई है, यानी कि वैज्ञानिकों की मानें तो पक्षियों को लगभग 1200 प्रजातियां भारत में रहती हैं,  इनमें से बहुत सी प्रजातियां ऐसी है जिनका व्यवहार हमें सोचने पर मजबूर कर देता हैं।

       अगर आपको उड़ते हुए पक्षियों को देखना पसंद है, या आप आसमान ताकते रहते है तो आपने ये जरूर देखा होगा कि कुछ पक्षी V फॉर्म में उड़ते हैं, क्या ये देखकर आपके मन में ये सवाल उठा कि ऐसा क्यों होता है, 'हेनरी वाइमरस्कर्च' के मन में ये सवाल
उठे-

आखिर ऐसा क्यों होता है ?

क्या ये एक सामान्य बात है?

या इसके पीछे कोई science है?
 
      और इन सवालों के जवाब जानने के लिए उन्होंने अपनी रिसर्च शुरू कर दी।
   

  उन्होंने जॉच में पाया    

 कि सभी पक्षी ऐसा नहीं करते बल्कि जो पक्षी ज्यादा लंबी दूरी तय करते है वही ऐसा करते हैं। इन्हें माइग्रेटरी बर्ड्स यानी घुमंतु पक्षी कहा जाता है। ये वे पक्षी होते हैं जो मौसम बदलने के साथ हजारों किलोमीटर की दूरी तय करते हैं और इन पक्षियों की उड़ान लगभग 16 घंटे की होती है।


और इस जांच में उन्हें अपने उस सवाल का जवाब भी मिला कि आखिर ये V फॉर्मेशन में क्यों उड़ते हैं,

जिसे समझने के लिए हमें हवा के बहाव को समझना होगा।

   हवा का बहाव

      दोस्तो हवा हमेशा हाई प्रैशर से लो प्रैशर की ओर बहती है।
आपने देखा होगा कि जब कोई कार तेज स्पीड से गुजरती है तो बिना किसी प्रेशर के उसके पीछे धूल मिट्टी की कड़ हवा में उड़ने लगते हैं, या फिर आपने देखा होगा के जब कोई नाव या जहाज पानी में चलता है तो जहाज के पीछे V शेप में पानी की एक लाइन बन जाती है, उसके नीचे वाला पानी दब जाता है और साइड वाला पानी उपर उठने लगता है। ऐसा इसलिए होता है, क्युकी जब कोई चीज़ आगे को जाती है तो उसके आगे जो हवा का प्रेशर पड़ता है उसे वो अपने आकार के मुताबिक अपने साइड से धकेल देती है, और इस कारण उस वस्तु के पीछे हवा का बहाव कम हो जाता है।

ठीक ऐसा ही पक्षियों के साथ होता है
जैसे ही पक्षी आगे जाता है उसके जस्ट पीछे की हवा नीचे को जाती है. और उसकी साइड वाली हवा ऊपर को उठती है. ये साइड से उठती हवा किसी और पक्षी के लिए ईधन का काम करती है. और इसी ऊपर उठती हवा के लालच में पीछे वाला पक्षी साइड में उड़ता है.



   तो मतलब बिल्कुल साफ है कि पक्षियों कि इस फॉर्मेशन में जो पक्षी सबसे आगे चल रहा होता है वो अपने पंखों कि मदद से एयर प्रैशर कम करता है, जिससे उसके पीछे एयर प्रेशर कम हो जाता है जो कि उसके पीछे उड़ रहे पक्षियों को आसानी से उड़ने में मदद करता है। ओर इस फॉर्मेशन में जो पक्षी सबसे पीछे होता है उसकी उड़ने के लिए बहुत कम एनर्जी खर्च होती है, और जब आगे उड़ रहा पक्षी थक जाता है तो वह अपनी जगह से हटकर पीछे आ जाता है ताकि उसकी भी एनर्जी कम खर्च हो और वो थोड़ा आराम कर सके, और जो पक्षी काफी आराम कर चुका होता है वो सबसे आगे जाकर लग जाता है।

      यही कारण होता है जिसकी वजह से ये पक्षी लगातार 16 घंटे तक उड़ पाते हैं। और बड़े से बड़े समुद्र को एक ही बार की उड़ान में पार कर लेते है।

     ओर इस फॉर्मेशन का दूसरा फायदा ये होता है कि प्रत्येक पक्षी आगे का रास्ता देख पता है जो कि वो एक लाइन में उड़ कर नहीं देख सकते, इस फॉर्मेशन से प्रत्येक पक्षी आने वाले खतरे को पहले से देख सकता है ओर अपना बचाव कर सकता है।



और यही कारण होता है कि जब कोई एयर शो होता है जिसमें प्लैंस को ग्रुप में उड़ाया जाता है तो उन्हें व शेप में ही उड़ाया जाता है।

   उम्मीद करता हूं कि ऊपर दी गई जानकारी आपको अच्छी लगी होगी, आप कमेंट करके हमें बताये ओर पोस्ट को शेयर भी कर दे।

धन्यवाद

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