Gyanspothindi एक हिंदी कंटेंट आधारित वेबसाइट है। जिस पर आपको तकनीक, विज्ञान, स्वास्थ्य और जीवन शैली से संबंधित जानकारियां हिंदी में शेयर की जाती हैं। इसके अलावा इस वैबसाइट पर प्रेरणात्मक कहानी, संघर्ष की कहानी, ऑटो बायोग्राफी भी शेयर की जाती हैं। जिसका एकमात्र उद्देश्य अपने देश के लोगों को प्रेरित करना है। अगर आप इस वैबसाइट के साथ बने रहते हैं, मेरा मतलब है कि अगर आप इस वैबसाइट पर लिखी गई पोस्ट को पड़ते हैं तो आप विज्ञान, और अपने जीवन से जुड़ी जानकारियों से अपडेट रहेंगे।

Monday, February 3, 2020

कैसे करें टाइम मैनेजमेंट।। Smart Time Management Tips for students in Hindi. Time Management skills in Hindi

   अगर आप एक विद्यार्थी (student) हैं या जॉब करते हैं, सामान्य शब्दों में कहूं तो अगर आप इस धरती के वासी हैं तो आपके भी बहुत से काम समय की कमी के चलते अधूरे ही रह जाते होंगे या फिर आपको इतना समय ही नहीं मिल पाता होगा की आप उन्हें शुरू भी कर सकें। आपको भी समय की कमी का अहसास होता होगा। आपको भी लगता होगा कि काश थोड़ा समय और होता तो मैं आज ये कार लेता वो कर लेता। लेकिन मैं आपको बता दूं कि मेरे दोस्त इस दुनियां में सभी को उतना ही समय मिला है जितना आपको। चाहें वो विराट कोहली हो सचिन हो शाहरुख हो या आप सभी को कुदरत ने दिन में सिर्फ 24 घंटे ही दिए हैं। लेकिन इन्होंने अपने समय को ऐसे उपयोग (use) किया कि आज ये जहां हैं, वहां सब पहुंचना चाहते हैं।

Smart-time-management-tips-for-students.  Time-Management-skills
Time Management skills

      इसीलिए कहा जाता है कि समय बड़ा बलवान (powerful) होता है। जिसके बदलने की कामना (pray) तो सब करते हैं लेकिन अपने लक्ष्यों (goals) को पाने के लिए इसका इस्तेमाल कैसे करना है ये बहुत से लोग नहीं जानते। जो जानकारी इस पोस्ट में दी गई है उसमे आप जानेंगे कि समय का सही प्रबन्ध क्यों ज़रूरी होता है, Smart Time Management Tips और कैसे हम टाइम को मैनेज कर सकते हैं।

टाइम मैनेजमेंट क्यों ज़रूरी है। (Advantage of time management)


      हम सबके पास एक दिन में सिर्फ 24 घण्टे ही होते हैं। जिसमें हमें वो काम करने होते हैं जो हमारे लक्ष्य (goal) को प्राप्त (achieve) करने में सहायक (helpful) हो। इसके अलावा भी हमारे पास बहुत से काम होते हैं जो हमें करने ज़रूरी होते हैं। इन सब की वजह से हम अपने समय का सही उपयोग (use) नहीं कर पाते और प्रेशर (pressure) कि वजह से हमारे दिमाग में उलझन (confusion) बनी रहती है। इस कन्फ्यूजन की वजह से हम अपने किसी भी काम को सही से समय पर पूरा नहीं कर पाते। लेकिन अगर हम एक प्लान तैयार करें जिसमें हम ये निश्चित (decide) करें की कोनसा काम किस समय पर करना है तो हमारे दिमाग़ में कोई कन्फ्यूजन नहीं रहती और सभी कामों को हम सही समय पर पूरा कर पाते हैं।

Smart-Time-Management-Tips-for-students.  Time-Management-skills
Time-Management-skills

    वो समय ही होता है जो हमें कहीं से कहीं पहुंचा देता है और जिसके बदलने की कामना हर इंसान करता है। हमारी जिंदगी में समय का बहुत महत्व होता है। इसीलिए इसका सही इस्तेमाल करना भी सबको आना चाहिए। सफलता (Success) और संतुष्टी (satisfaction) तो हर इंसान चाहता है लेकिन जो समय का सही इस्तेमाल कर पाता है उसे सफल होने से कोई नहीं रोक सकता। इस दुनियां में हर इंसान अपने अच्छे समय की कामना करता है। लेकिन अच्छा समय आना भी समय पर ही निर्भर (depend) करता है। सामान्य शब्दों में कहूं तो भविष्य (future) में अच्छे समय की कामना करने वाला व्यक्ति अगर वर्तमान समय (present time) को बर्बाद करेगा या वो काम ही नहीं करेगा जो उसके भविष्य को अच्छा बना सके तो वो व्यक्ति कभी अपना भविष्य नहीं बना सकता। ऐसे बहुत से लोग होते हैं जो अपने समय का सही उपयोग कर अपना भविष्य बना पाते हैं। कुछ ऐसे भी होते हैं जो सफलता तो चाहते हैं लेकिन उनका न कोई लक्ष्य होता है और ना वो कोई योजना बनाते हैं और कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जिनका निर्धारित लक्ष्य (decided goal) होता है जिसके लिए वो योजनाएं (plans) भी तैयार करते हैं लेकिन समय का सही उपयोग ना कर पाने की वजह से वो अपना लक्ष्य प्राप्त नहीं कर पाते।

कैसे करें टाइम मैनेजमेंट 

Smart-Time-Management-Tips-for-students.
Time-Management-skills

   दोस्तो किसी भी काम की सफलता छोटे छोटे एक्शन्स और डिसीजन पर निर्भर (depend) होती है जिन्हे हम रोज़ लेते हैं। जैसे कि अच्छी बॉडी बनाना निर्भर करता है कि आप रोज़ वर्कआउट करें या एग्जाम में फर्स्ट आना इस बात पर की आप डेली पढ़ाई करें। क्योंकि अगर आप रोज पढ़ाई नहीं करोगे तो सारी किताबों को आप एक दिन में नहीं पड़ सकते आपको धीरे धीरे यानी रोज़ पढ़ाई करनी ज़रूरी है। ऐसे ही अच्छी बॉडी एक दिन में नहीं बनती बल्कि इसके लिए रोज़ जिम में पसीना बहाना पड़ता है। रोज लिए हुए इन्हीं छोटे छोटे एक्शनस से आप अपने लक्ष्य को प्राप्त कर पाते हो। यहां ये बात अच्छे से समझ में आती है कि लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए हमारे छोटे छोटे निर्णय और एक्शन क्या भूमिका निभाते हैं। तो हम यह कह सकते हैं कि हमें बड़े लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उन्हें छोटे छोटे लक्ष्यों में तोड़ लेना चाहिए। क्यूंकि अगर हमारे लक्ष्य थोड़े भी मुश्किल होंगे तो हमारा दिमाग या तो उन्हें मुश्किल मानकर टालता रहेगा या फिर नामुमकिन समझ कर उन पर कोई एक्शन नहीं लेगा। लेकिन वहीं अगर हम मुश्किल काम को छोटे हिस्सों में तोड़ लें तो छोटे होने की वजह से वो हमें आसान लगेगें और हमारा दिमाग उन पर आसानी से एक्शनस लेगा।

    जैसे अगर आपको किसी तालाब से सौ बाल्टी पानी निकाल कर एक गढढे को दस दिन में भरने का काम दिया जाए। तो आपका दिमाग दो बातें सोचेगा पहली ये की ये काम मुश्किल काम है, जो कि सच में है और दूसरी यह कि हमारे पास दस दिन समय है। और ये दोनों बातें हमारे दिमाग़ में सेव हो जायेंगी। मुश्किल होने की वजह से हमारा दिमाग़ इस कम को करने के लिए राजी नहीं होगा और दस दिन का टाइम होने की वजह से हम इस काम को टालते रहेंगे। क्यूंकि वो काम जिसमें हमें मजा आता हो उसे करने के लिए तो हमारा दिमाग हमें तुरंत अनुमति (permission) दे देता है लेकिन ऐसा कोई काम जिसमें हमें थोड़ी भी मेहनत करनी पड़े और मजा ना आये या जो थोड़ा भी बोरिंग हो, को करने के लिए अनुमति नहीं देता। तो दस दिन के बाद बहुत ही कम चांस है की हम इस काम को पूरा कर पाएं। लेकिन अगर हम इस काम को छोटे हिस्सों में तोड़ लें जैसे दस दिन में सौ बाल्टी पानी निकालने की जगह दस दिन तक हर रोज़ दस बाल्टी पानी गढ्ढे में डालने पर फोकस करें। यानी कि हम ये भूल जाये कि हमें सौ बाल्टी पानी निकालना है और बस ये याद रखें कि रोज़ दस बाल्टी पानी निकालना है। तो 98.9% चांस है कि हम इस काम को पूरा कर पाएंगे। क्युकी दस बाल्टी पानी निकालना सौ बाल्टी  के मुकाबले आसान है तो हमारा दिमाग़ इस पर आसानी से एक्शन लेगा।

इस तकनीक के बारे में मैने आपको इसलिए बताया है कि इसका उपयोग हम अपने लंबी अवधि के लक्ष्यों (long term goals) को पाने के लिए भी कर सकते हैं। बस हमें समय को ऐसे मैनेज करना है। क्यूंकि किसी भी काम को छोटे हिस्सों में बांटने के बाद उन पर रोज़ एक्शन लेना होता है लेकिन दिन भर और भी काम होने की वजह से या समय के अभाव में हम ये एक्शन नहीं ले पाते। लेकिन समय का सही प्रबंध इस काम को आसान बना देता है।

दोस्तो टाइम को मैनेज करने के लिए कुछ लिस्ट तेयार करनी होती हैं और इसके लिए हमें तीन लिस्ट तेयार करनी होंगी।

A  बड़े या long term goals को पाने के लिए टाइम मैनेजमेंट


    दोस्तो किसी भी सपने को पूरा करने के लिए उसे सोचना जरूरी होता है, और किसी भी लक्ष्य को हासिल करने के लिए उस लक्ष्य को निर्धारित (select) करना ज़रूरी होता है। जो व्यक्ति अपने लक्ष्य को लेकर क्लियर नहीं है यानि उसे पता ही नहीं है कि उसे जाना कहां है तो वो व्यक्ति कभी अपनी मंजिल तक नहीं पहुंच पाएगा। अगर आप भी अपने लक्ष्य को लेकर क्लियर नहीं है तो पहले अपने लक्ष्य को स्पष्ट (clear) करें और यदि आप स्पष्ट हैं तो आपका जो भी लक्ष्य है उसे लिस्ट A में लिखें। जैसे अगर आपका लक्ष्य एक खिलाड़ी, बॉडीबिल्डर, या अच्छी जॉब पाना या अपने व्यापार को ग्रो करना है तो अपने इन लंबी अवधि के लक्ष्यों (long term goals) को इसमें लिखें और साथ में ये भी लिखें कि कितने समय में आप इन लक्ष्यों को पाना चाहते हैं।

B  monthly या shuort term goals को पाने के लिए टाइम मैनेजमेंट

Smart-Time-Management-Tips-for-students.  Time-Management-skills
Time-Management-skills

    इस लिस्ट में हमें उन लक्ष्यों को लिखना है जो हमारे लम्बी अवधि के लक्ष्यों यानी जो हमने लिस्ट A में लिखे है उनका छोटा रूप हैं। जिसको हमें महीने (monthly) या सप्ताह (weekly) में पूरा करना है। आसान शब्दों में कहूं तो मान लो आपका लक्ष्य है कि आपको 1 साल में 24 किलो वजन बढ़ाना है। ये आपका लम्बी अवधि का लक्ष्य (long term goal) हुआ (जिसे आपको लिस्ट A में लिखना है,) पर जैसा कि आप समझ चुके हैं कि अपने लक्ष्यों को हासिल करने की एक बढ़िया तकनीक है उन्हें छोटे और आसान लक्ष्यों में विभाजित करना क्यूंकि अगर आप एक साल में 24 किलो वजन बढ़ाने पर ध्यान लगायेंगे तो आपका इस लक्ष्य को प्राप्त करना मुश्किल है। लेकिन अगर आप 1 महीने में 2 किलो वजन बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित करें तो यह मुश्किल काम आपके लिए और आसान बन जायगा। अब एक महीने में ये लक्ष्य प्राप्त करने के लिए कितनी मेहनत करनी है और कैसे करनी है ये भी आपको इस लिस्ट में शामिल करना है। क्यूंकि सिर्फ लक्ष्य निर्धारित करने और लिखने से काम नहीं चलेगा, उन्हें पूरा करने के लिए उन पर काम भी करना होगा।

इसे और बेहतर समझने के लिए एक उदाहरण और समझिए
मान लो आपको एक किताब को एक महीने में पूरा पड़ना है जिसमें 12 अध्याय हैं। यानि इस किताब को एक महीने में ख़तम करने के लिए हमें एक सप्ताह में कितनी पढ़ाई करनी होगी यानि कि जो हमारे मासिक (monthly) लक्ष्य का कुछ हिस्सा कवर करे। ये हमें लिस्ट B में लिखना है।

C  छोटे या रोज़ के कार्यों के लिए टाइम मैनेजमेंट


    एक एक सेकेंड मिलकर मिनट बनाते हैं और मिनट एक घंटा, कई घंटे मिलकर दिन बनाते हैं और दिन हफ्ते, महीने और साल। हमारा पूरा दिन कैसा गुज़रा ये गुज़रे घंटे बताते हैं, और हफ़्ता, महीना या साल कैसा गुज़रा ये हमारे बिताए हुए दिन। इसीलिए जो गोल्स हमारे महीने या हफ्ते में पूरे होने हैं उन्हें हम तभी पूरा कर सकते हैं जब हम हर रोज़ उन्हें पूरा करने के लिए काम करें। क्यूंकि हमारा हर रोज़ ही हमारा महीना सप्ताह या महीना बनाता है। मान लो आप हर रोज़ किसी किताब का एक पेज पड़ते हैं तो आप महीने में पूरे तीस पेजेस को पड़ पायेंगे। मतलब कि सिर्फ छोटे छोटे एक्शन्स से ही आप बड़े लक्ष्य को आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। इसीलिए अपने सभी लम्बी अवधि के लक्ष्यों को प्रतिदिन के हिसाब से बांटे और उन्हें इस लिस्ट में लिखें।

      दूसरे शब्दों में अगर कहूं तो इस लिस्ट में हमें उन लक्ष्यों को लिखना है जिन पर एक्शन लेकर हम अपनी लम्बी अवधि के लक्ष्यों (long term goals) का कुछ हिस्सा कवर कर पाएं। अब टाइम मैनेजमेंट यहीं कार्य करता है चूंकि हमें प्रतिदिन और भी बहुत से काम हो सकते हैं जैसे शॉपिंग, बिलों का भुगतान, और ऐसे बहुत से काम जिनकी वजह से हमारा दिमाग़ थका हुआ महसूस करता है, हम कंफ्यूज हो जाते हैं। इन सब कारणों से हम ज़रूरी काम जो हमें करने होते हैं वो भी नहीं कर पाते। इसलिए इन सब को भी इस लिस्ट में शामिल करना है।

    ये लिस्ट हमें पहले से बना कर तैयार रखनी होगी ताकि अगले दिन आसानी से इस पर एक्शन्स लिए जा सकें। इस लिस्ट को तैयार करने के बाद आपको इसमें से अपने ज़रूरी कामों को सेलेक्ट करना है ताकि फ़िज़ूल कामों में आपका समय बर्बाद ना हो और आप समय को मैनेज कर पाएं। इसके लिए आपको इस लिस्ट के बाद एक और लिस्ट तैयार करनी है।

1  इस लिस्ट में आपको सबसे पहले वो काम सेलेक्ट करने हैं जो आपको करने बहुत ज़रूरी है और जिन्हें आपके अलावा और कोई नहीं कर सकता। जिन्हें ना करने पर हमे काफी नुकसान झेलना पड़ सकता है। जैसे कि पढ़ाई करना, वर्कआउट करना।

2  दूसरे वो काम जो करने ज़रूरी है लेकिन ना करने से थोड़ा बहुत परेशानी हो सकती है।

3  तीसरे वो काम जिनका करना हमारे लिए अच्छा है लेकिन उन्हें ना करने से कोई नुकसान नहीं होगा।

4  चोथे वो कम होंगे जो करना ज़रूरी तो हैं लेकिन उन्हें हैं लेकिन सिर्फ आपके द्वारा किए जायें ये ज़रूरी नहीं है। उन कामों को हम दूसरों से भी करा सकते हैं। जैसे बिल भरना, या कोई खरीदारी करना आदि

5  पांचवे वो काम जिन्हें करने पर कोई फर्क नहीं पड़ता। मतलब कि अगर हम करते हैं तो हमें कोई फायदा नहीं होता  और अगर ना करें तो कोई नुकसान नहीं होता। ऐसे काम सिर्फ हमारे समय की बर्बादी करते हैं। इसीलिए अपने समय को बचाने हेतु इन कामों को बिना समस्या के छोड़ देना चाहिए। जैसे फोन में गेम खेलना, टीवी देखना, सोशल मीडिया का ज्यादा इस्तेमाल आदी।

 
      इन कामों को सेलेक्ट करने के बाद जो हमारे सबसे जरूरी काम हैं उन्हें हमें सबसे पहले ख़तम करना चाहिए और जो कुछ कम ज़रूरी है उन्हें बाद में। क्यूंकि अगर ये काम रह भी गए तो हमें कम नुकसान होगा। इन तकनीकों से हम अपने सभी कामों को सही समय पर बिना भूले पूरा कर सकते हैं। इसके अलावा इन लिस्ट को तैयार करने का एक बड़ा फायदा ये होता कि हमारे दिमाग में कोई कन्फ्यूजन नहीं रहती यानी हम क्लियर हो जाते हैं कि हमें क्या करना है और हम अपना बहुत सा टाइम बचा कर उसका सही इसतेमाल कर सकते हैं और इनको लिखकर रखने से हमारे इन कामों को करने के चांसेस बड़ जाते हैं।

  इस पोस्ट के माध्यम से हमने आपके समय को मैनेज करने के लिए मदद करने की कोशिश की है। आशा करते हैं कि आपको भी ये जानकारी मददगार लगी हो। कमेंट के माध्यम से आप हमें अपनी राय दें सकते हैं


धन्यवाद्।

अगर आप सच में अपने भविष्य को लेकर गंभीर हैं तो ये जानकारियां भी आपके लिए ज़रूरी हैं-

"सुबह जल्दी उठकर अपने समय को बचाने का नशा"
"दुनियां के हर सफल इंसान में कॉमन हैं ये बातें। आप भी जनलो"




No comments:

Post a Comment