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Friday, March 6, 2020

क्रिस्टियानो रोनाल्डो का पूरा जीवन परिचय हिंदी ।। Cristiano Ronaldo life story in hindi

अगर आपको खेलों में रूचि है तो आप 'क्रिस्टियानो रोनाल्डो' को जानते ही होंगे, लेकिन अगर आपने पहले कभी रोनाल्डो का नाम नहीं सुना है तो आपको बता दूं, कि रोनाल्डो एक पेशेवर फुटबॉलर है और दुनियां के सबसे बेहतरीन और महंगे खिलाड़ियों में गिने जाते हैं।

रोनाल्डो का जीवन लोगों को चुनौतियों से लड़ने के लिए बहुत प्रेरित करता है, क्योंकि रोनाल्डो का यहां तक पहुंचने का सफर बहुत मुश्किल और चुनौतीपूर्ण रहा है। एक गरीब परिवार में जन्मे रोनाल्डो बचपन में एक ऐसे छोटे से घर में रहा करते थे जिसकी छत टीन की थी। वो यहां तक पहुंचे हैं तो सिर्फ अपनी मेहनत और जिद की वजह से। आज आप इस पोस्ट में उनके जीवन से जुड़ी कुछ ऐसी ही जानकारी जानने वाले हैं जो आपको बहुत ही प्रेरित करेंगी। जिसमें हम जानेंगे रोनाल्डो का पूरा जीवन परिचय, रोनाल्डो का फुटबॉल में कैरियर, रोनाल्डो की उपलब्धियां और फिर जानेंगे कि आखिर कैसे बने रोनाल्डो नंबर वन तो चलिए शुरू करते है,

 रोनाल्डो का पूरा जीवन परिचय (Cristiano Ronaldo life story in hindi)

क्रिस्टियानो रोनाल्डो का जन्म 5 फरवरी 1985 को पुर्तगाल के पश्चिमी तट फंशन मदीरा द्वीप में हुआ था। इनका पूरा नाम क्रिस्टियानो रोनाल्डो डॉस सैंटोस अवियरो (Cristiano Ronaldo dos Santos Aveiro) है। इनके पिता का नाम डॉस सैंटोस अवीयरो है, जो कि एक माली का काम किया करते थे और उनकी माता का नाम मारिया डॉस सैंटोस है। उनके एक भाई और दो बहनें भी हैं। रोनाल्डो अपने बहनों और भाई में सबसे छोटे हैं।
Motivational-biography-ronaldo-hindi रोनाल्डो का पूरा जीवन परिचय हिन्दी
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रोनाल्डो को बचपन से ही फुटबॉल खेलने का शौक था और वो बचपन से ही फुटबाल खेला करते थे। परिवार की आर्थिक स्थिति ज्यादा अच्छी न होने और फुटबाल के प्रति अपने लगाव के चलते इन्होंने अपनी पढ़ाई शुरू में ही छोड़ दी थी।

रोनाल्डो के पिता रोनाल्डो रीगन के बहुत बड़े फैन थे, रोनाल्डो रीगन यू एस के राष्ट्रपति थे और इससे पहले वो एक अभिनेता भी हुआ करते थे। रोनाल्डो के पिता ने रोनाल्डो का नाम इन्हीं के नाम पर रखा था।

रोनाल्डो को अपने शुरुआती जीवन में बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ा था। रोनाल्डो के पिता की मृत्यु 2005 अधिक शराब पीने के कारण हो गई थी। उस समय उनके घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी और उनके पिता कि मौत के बाद और ज्यादा खराब हो गई थी, उनकी मां ने आर्थिक स्थिति को बनाए रखने के लिए लोगों के घरों में जाकर खाना बनाने और सफाई का काम किया। रोनाल्डो ने यहां तक पहुंचने के लिए इसके अलावा और भी कई परेशानियों का सामना किया है।

 रोनाल्डो का फुटबॉल गेम में कैरियर

फुटबॉल को लेकर अपने प्यार और लगाव के चलते रोनाल्डो ने बचपन से ही इसमें मेहनत करना शुरू कर दिया था और उनके शानदार खेल की वजह से सिर्फ 16 वर्ष की उम्र में ही वह पुर्तगाल के 'स्पोर्टिंग सीपी क्लब' का हिस्सा बन गए थे।

1  स्पोर्टिंग सीपी क्लब में रोनाल्डो (Sporting CP Club)

 इस क्लब का हिस्सा बन रोनाल्डो ने अपने शानदार प्रदर्शन से टीम के सभी खिलाड़ियों और मैनेजर का दिल जीत लिया था। एक साल के अंदर ही रोनाल्डो ने इस क्लब की अंडर -17 टीम, और फिर अंडर -18, और फास्ट टीम के लिए खेलना शुरू कर दिया था।

इस क्लब की ओर से 2002 में रोनाल्डो ने अपना पहला प्राइमिरा लीगा (Primeira Liga) मैच मोरेरेन्स फूटबॉल क्लब के खिलाफ खेला था और इस मैच में इन्होंने दो गोल भी किए थे। इस मैच के बाद से ही कई फुटबॉल क्लब्स का ध्यान रोनाल्डो की तरफ आकर्षित हो गया था। इसके बाद रोनाल्डो ने स्पोर्टिंग क्लब की टीम की तरफ से मैनचेस्टर यूनाइटेड फुटबॉल क्लब के खिलाफ भी खेला। इस मैच में रोनाल्डो ने 2 शानदार गोल किए और उनकी टीम को इस मैच में 3-1 गोल से जीत मिली थी। इस मैच के बाद ही रोनाल्डो को मैनचेस्टर यूनाइटेड फुटबॉल क्लब का हिस्सा बना लिया गया था।

2  मैनचेस्टर क्लब में रोनाल्डो का कैरियर (Manchester United Club)

मैनचेस्टर यूनाइटेड फुटबॉल क्लब के खिलाफ शानदार प्रदर्शन से इस टीम के प्रबंधक रोनाल्डो से बहुत प्रभावित हुए थे और वो उन्हें अपनी टीम का हिस्सा बनाने के बारे में सोचने लगे थे और साल 2003 में मैनचेस्टर क्लब ने स्पोर्टिंग क्लब से रोनाल्डो को खरीद लिया था। इस क्लब ने रोनाल्डो को अपनी टीम में शामिल करने के लिए उन्हें 102 करोड़ रुपए का भुगतान किया था जो कि उस समय उनकी उम्र के हिसाब से बहुत ज्यादा थी।

हालांकि क्लब का यह फैसला बिल्कुल सही साबित हुआ था जब रोनाल्डो ने 2004 में हुए एफए कप (FA Cup) में खेलते हुए तीन गोल किए और अपनी टीम को चैंपियनशिप पर कब्ज़ा करने में मदद की। इसके बाद  साल 2006 में उन्होंने अपने खेल में और सुधार करते हुए 26 गोल किए। रोनाल्डो 6 साल तक मेनचेस्टर क्लब के लिए खेले।

3  रियल मद्रिद क्लब में रोनाल्डो का कैरियर (Real Madrid)

6 साल तक मेनचेस्टर क्लब से खेलने के बाद रोनाल्डो साल 2009 में मेड्रिड क्लब से जुड़ गए थे। रियल मैड्रिड क्लब स्पेन देश का फुटबाल क्लब है जिसने रोनाल्डो को 850 करोड़ की कीमत देकर अपनी तरफ से खेलने का मोका दिया था।
रोनाल्डो शुरू से ही 7 नंबर की जर्सी पहन कर खेल रहे थे। लेकिन इस क्लब का हिस्सा बनने के बाद उन्हें 7 नंबर की जर्सी को छोड़ना पड़ा था, क्युकी वो जर्सी इस क्लब के एक खिलाड़ी के पास पहले से थी। हालांकि बाद में उस खिलाड़ी ने अपनी 7 नंबर की जर्सी रोनाल्डो के लिए छोड़ दी थी और फिर से रोनाल्डो अपनी 7 नंबर वाली जर्सी में आ गए थे। रोनाल्डो इस क्लब के लिए 2009 से 2018 तक खेले।

4  जुवेंटस में रोनाल्डो का कैरियर (Juventus)

रोनाल्डो अपने खेल का बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए रियल मैड्रिड क्लब के लिए 9 साल तक खेले। इस समय उन्होंने अपनी टीम के लिए बहुत से गोल दागे और कई शानदार रिकॉर्ड अपने नाम किए। इसके बाद 10 जुलाई 2018 को रोनाल्डो ने इटली के जुवेंटस फुटबॉल क्लब के साथ चार साल तक खेलने के समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके लिए जुवेंटस ने रोनाल्डो को तकरीबन 8 अरब रुपए का भुगतान किया।

इस क्लब के लिए रोनाल्डो दो सीरीज में खेल चुके हैं और दोनों ही सीरीज में उन्होंने अपना शानदार प्रदर्शन कर अपनी टीम को जीत दिलाई है। रोनाल्डो मौजूदा समय में इसी फुटबॉल क्लब के खिलाड़ी हैं।

रोनाल्डो के बनाए हुए रिकॉर्ड

रोनाल्डो ने अपने 19 साल के कैरियर में बहुत से रिकॉर्ड बनाए है और बहुत से प्रसिद्ध अवॉर्ड अपने नाम किए हैं, जिनमें से कुछ के बारे में मैने आपको नीचे बताया है

1  रोनाल्डो इकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने पांच बार बैलन डी’आर (Ballon d’Or) अवार्ड जीत है। आपको बता दें कि यह अवॉर्ड फुटबॉल खेल की दुनिया में सबसे बड़ा अवॉर्ड माना जाता है।

2  क्रिस्टियानो रोनाल्डो दुनियां के पहले ऐसे फुटबॉलर हैं जिन्होंने प्रोफेशनल लीग के लगातार दोनो सीजनों में 40 गोल किए हैं।

3  रोनाल्डो ने पुर्तगाल के लिए 164 मैचों में अब तक कुल 99 गोल किए हैं।

4  रोनाल्डो और मेसी ने चैम्पियंस लीग में अब तक 8-8 हैट्रिक लगाई है। इस साल  2020 चैम्पियंस लीग में अगर रोनाल्डो हैट्रिक लगा देते हैं तो वो सबसे अधिक  हैट्रिक लगाने वाले खिलाड़ी बन जाएंगे।

5  साल 2018 में जब रियल मेड्रिड ने इंग्लिश प्रीमियर लीग क्लब को हराकर चैम्पियंस लीग का खिताब जीता था, तब रोनाल्डो के नाम पांचवां खिताब दर्ज हुआ था। अब अगर रोनाल्डो अपनी मौजूदा टीम जुवेंतस को यूरोप के सबसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का खिताब दिला देते हैं तो यह उनका छठा खिताब होगा।

रोनाल्डो के जीवन की कुछ बातें जो आपको प्रेरित करेंगी 

एक गरीब परिवार में पैदा हुए रोनाल्डो आज जहां हैं वहा पहुंचना हर खिलाड़ी का सपना होता है। पुर्तगाल के सुपरस्टार खिलाड़ी रोनाल्डो के सिर्फ पुर्तगाल ही नहीं बल्कि पूरी दुनियां में उनके चाहने वाले और उन्हें अपना आदर्श मानने वाले हैं। एक सामान्य से लड़के से दुनियां के सबसे बेहतरीन और अमीर खिलाड़ी बनने तक का रोनाल्डो का सफर बहुत ही प्रेरित करने वाला है।

रोनाल्डो का कैरियर 16 साल की उम्र में ही शुरू हो गया था, रोनाल्डो आज यहां तक सिर्फ अपने बेहतरीन खेल की वजह से पहुंच पाए हैं, और उनके इस बेहतरीन खेल के पीछे है उनकी मेहनत, लगन और फुटबॉल को लेकर उनका प्यार। 2005 में पिता की मृत्यु के बाद रोनाल्डो बहुत टूट गए थे लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। ऐसे मुश्किल समय में भी जब उनके घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी और उनकी मां को दूसरे लोगों के घरों में काम करने के लिए जाना पड़ता था रोनाल्डो ने हिम्मत नहीं हारी, उन्होंने हजारों मुश्किलों और चुनौतियों के बाद अपनी प्रैक्टिस और अपने खेल को जारी रखा। क्यूंकि वो अपना भविष्य देख रहे थे, अपना पूरा सौ प्रतिशत अपने खेल को समर्पित करने के बाद शायद वो हर समस्या से मुक्त हो गए थे।
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रोनाल्डो के जीवन के इस पड़ाव से हमें उनकी मानसिक मजबूती का पता चलता है। इससे पहले 15 वर्ष की उम्र में डॉक्टर्स द्वारा रोनाल्डो को दिल की बीमारी का पता चला था, और डॉक्टर्स ने उन्हें ऐसा कोई भी काम करने के लिए मना किया था जिससे उनके दिल की धड़कन की गति तेज़ हो। ये समय रोनाल्डो के लिए बहुत कठिन था क्यूंकि उनका सपना और उनका प्यार फुटबॉल था जो कि उनकी बीमारी की वजह से फुटबॉल खेलने से उनकी मौत भी हो सकती थी। रोनाल्डो के पास दो विकल्प थे, या तो वो हमेशा के लिए फुटबॉल छोड़ दें और अपनी जिंदगी जिये या फिर वो सर्जरी कराएं, जो कि बहुत ही रिस्की था। रोनाल्डो ने दूसरा विकल्प चुना, उनका रिस्की सर्जरी हुई और वो फिर से मैदान पर लौट आए।

मैनचेस्टर क्लब के असिस्टेंट मैनेजर Carlos Queiros बताते हैं कि एक दिन उन्होंने अपने ऑफिस से पेड़ों के बीच कुछ आवाज़ सुनी, वो बताते हैं कि उस समय उन्हें लगा कि मीडिया वाले या कोई और उनके खिलाड़ियों की जासूसी कर रहा है, लेकिन जब उन्होंने देखा तो पता चला रोनाल्डो घने पेड़ों के बीच अकेले फुटबॉल की प्रैक्टिस कर रहे थे। ये उस समय की बात थी जब उनकी टीम के सारे खिलाड़ी प्रैक्टिस के बाद रेस्ट करने चले गए थे पर रोनाल्डो उबड़ खाबड़ जगह में पेड़ों के बीच बॉडी को बैलेंस की प्रैक्टिस कर रहे थे। कार्लोस कहते हैं कि रोनाल्डो हमेशा ही और बेहतर बनने के लिए मेहनत करते रहते हैं। वो कहते हैं कि बेहतर बनने को लेकर उनके जुनून को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।


आशा करता हूं कि रोनाल्डो का पूरा जीवन परिचय  (Cristiano Ronaldo life story in hindi) और रोनाल्डो का फुटबॉल गेम में कैरियर से आपको बहुत कुछ सीखने को मिला होगा, आप कमेंट करके हमें बता सकते हैं और इस पोस्ट को शेयर कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को प्रेरित करने में हमारी मदद भी कर सकते हैं।

धन्यवाद्।

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