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Monday, March 2, 2020

जैफ बेजॉस कैसे बने दुनियां के सबसे अमीर इंसान । Biography of world's richest man Jeff bezos in Hindi .। दुनियां के सबसे अमीर इंसान जैफ बेजॉस की जीवनी


     दोस्तो अपने जीवन में अमीर बनने का सपना हर इंसान देखता है लेकिन कुछ लोग ही इस सपने को हकीक़त में बदल पाते हैं। सवाल उठता है कि आखिर सिर्फ कुछ लोग ही क्यूं ऐसा कर पाते हैं, सारे क्यों नहीं ? शायद आप सोच रहे हों कि उनकी किस्मत अच्छी होती होगी या फिर उन लोगों में कुछ ऐसे गुण होते होंगे जो उन्हें अपने सपने को पूरा करने में मदद करते होंगे।

  दोस्तो किस्मत का तो पता नहीं लेकिन जो लोग सफलता को प्राप्त कर अपने सपनों को पूरा कर पाते हैं, उन लोगों में स्पेशल गुण ज़रूर होते हैं। क्या आप जानना चाहेंगे उन गुणों के बारे में, वो गुण जो हर सफल इंसान में होते हैं, वो गुण जो एक सफल इंसान को एक सामान्य इंसान से अलग करते हैं। अगर हां तो इस पोस्ट को पूरे ध्यान से पढ़िए।

  क्यूंकि इस पोस्ट में हम किसी और की नहीं बल्कि लीगली तौर पर इस दुनियां के सबसे अमीर इंसान के बारे में जानने वाले हैं कि आखिर जैफ बेजॉस कैसे बने दुनियां के सबसे अमीर इंसान। जैफ बेजॉस (Jeff Bezos) शायद ये नाम आपने पहले सुना हो। लेकिन बहुत से लोगों ने ये नाम पहली बार सुना होगा। बता दें कि Jeff bezos  अमेजॉन (Amazon) कम्पनी के संस्थापक (founder) और CEO हैं।

दुनियां के सबसे अमीर इंसान जैफ बेजॉस की जीवनी

जेफ बेज़ोस का जन्म अल्बुकर्क, न्यू मैक्सिको में 12 जनवरी 1964 को हुआ था। जिस वक्त इनका जन्म हुआ था उस वक्त इनकी माँ की उम्र केवल 17 साल थी। बेजॉस के जन्म के कुछ समय बाद ही इनके पिता ने इनकी मां को छोड़ दिया था। इसके बाद बेजॉस की माँ ने मिगुअल बेजॉस के साथ दूसरा विवाह कर लिया था, उस समय जेफ बेजॉस की उम्र केवल पाँच वर्ष थी।
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बेजॉस की शुरुआती शिक्षा रिवर ओक्स एलीमैंट्री में हुई,   जहां उन्होंने चौथी से छठी कक्षा तक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद बेजॉस ने अपनी स्नातक की उपाधि प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर विज्ञान में हासिल की। बेजॉस को बचपन से ही टेक्नोलॉजी और विज्ञान में रूचि थी। बचपन में उन्होंने अपने छोटे भाई बहनों को अपने कमरे से दूर रखने के लिए एक अलार्म बनाया था। जिसे उन्होंने अपने कमरे में लगाया जिससे जब भी कोई उनके कमरे में दाखिल हो तो उन्हें पता चल जाए।

 बेजॉस ने अपने शुरआती जीवन का काफी समय अपने नाना के साथ बिताया है। इनके नाना अमेरिका के परमाणु ऊर्जा आयोग में क्षेत्रीय निदेशक थे। वहां से अवकाश लेने के बाद में वो बेजॉस के माता पिता द्वारा खोले गए पशु फार्म में अपना समय बिताने लगे, जहां बेजॉस भी उनके साथ काम में हाथ बटाया करते थे। बेजॉस बचपन से ही तेज बुद्धि के थे। उनका मन ज़्यादातर यांत्रिकी एवं तकनीकी कामों में लगता था।

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जैफ बेजॉस का शुरुआती कैरियर

प्रिंसटन विश्वविद्यालय से बेजॉस ने 1986 में स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद वॉल स्ट्रीट न्यूयॉर्क में उन्हें कम्प्यूटर विज्ञान के क्षेत्र में एक अच्छी नौकरी मिल गई। बेजॉस ने कम्यूटर विज्ञान के क्षेत्र में कई काम किए। उन्होंने फिटेल नाम की एक कंपनी के लिए कम्पयुटर नेटवर्क बनाने का कार्य भी किया।

इसके बाद बेजॉस ने DE Shaw नाम की एक कंपनी के लिए कंप्यूटर स्पेशलिस्ट की पोजिशन पर भी काम किया। जैसा कि मैंने आपको बताया कि बेजॉस को शुरू से ही कम्प्यूटर से लगाव था। अपने इस लगाव के चलते ही उन्होंने कंप्यूटर विज्ञान में स्नातक की डिग्री हासिल की थी। इससे पहले बेजॉस फिजिक्स में पढ़ाई कर रहे थे लेकिन मन न लगने के कारण उन्होंने फिजिक्स छोड़ कंप्यूटर विज्ञान में पढ़ाई पूरी की।

पढ़ाई पूरी करने के बाद बेजॉस के जीवन में सब कुछ अच्छा चल रहा था। अपनी काबिलियत के दम पर वो DE Shaw नाम की कंपनी में पहले वॉइस प्रेसिडेंट और सिर्फ दो साल बाद ही वो सीनियर वॉइस प्रेसिडेंट बन गए थे। उनके पास एक अच्छी सैलरी वाली जॉब थी और वो अपने जीवन को काफी एन्जॉय कर रहे थे।

लेकिन एक दिन इंटरनेट का उपयोग करते समय उन्हें पता चला कि इंटरनेट हर साल 2300% की तेजी के साथ बड़ रहा है। उस समय पूरी दुनियां में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही थी। यहीं से उनके दिमाग में इंटरनेट के क्षेत्र में कुछ बड़ा करने का विचार आया और उन्होंने अमेजॉन की स्थापना की। इसके लिए उन्हें अपनी अच्छी खासी नौकरी छोड़नी पड़ी। बेजॉस बताते हैं कि ये फैसला लेना उनके लिए बिल्कुल भी आसान नहीं था।

 जैफ बेजॉस कैसे बने दुनियां के सबसे अमीर इंसान

 अपने सपने को साकार करने के लिए बेजॉस ने अपनी अच्छी खासी नौकरी छोड़ी और 5 जुलाई को अपने एक पुराने गैरेज से अमेजॉन की शुरआत की। बेजॉस को शुरू से ही किताबें पड़ने का शौक था और वो हमेशा किताबों से कुछ ना कुछ सीखते रहते थे। उस समय इंटरनेट पर इतनी जानकारी उपलब्ध नहीं थी इसलिए उन्होंने अमेजॉन को सफल बनाने के लिए सारी जानकारी बहुत सी किताबों को पढ़कर हासिल की थी। 

बेजॉस पहले अपनी वेबसाइट का नाम CADBARA.COM रखना चाहते थे। लेकिन फिर उन्होंने संसार की सबसे बड़ी नदी अमेजॉन के नाम पर अपनी वेबसाइट का नाम Amazon.com रखा।  अमेजॉन की स्थापना के बाद शुरूआत में बेजॉस को अपनी वेबसाइट को लेकर अच्छा रेस्पॉन्स नहीं मिला था। लेकिन वो निराश नहीं हुए।

बेजॉस ने अपनी वेबसाइट की शुरुआत सिर्फ किताबें बेचने से शुरू करी थी। इस समय इनके साथ केवल तीन कर्मचारी थे। धीरे धीरे बेजॉस की किताबें लोग खरीदने लगे। बेजॉस ने किताबों के बाद अपनी वेबसाइट पर डीवीडी प्लेयर और सीडी बेचना भी शुरू किया और हम सब जानते हैं कि आज अमेजॉन पर सबकुछ उपलब्ध है।

बेजॉस ने अपनी कंपनी को आगे बढ़ाने के लिए अपने माता पिता से मदद ली थी और इनके माता पिता ने 300,000 डॉलर इनकी कंपनी में लगाए थे। उस समय इनके माता पिता को इंटरनेट के बारे में अच्छी जानकारी नहीं थी और न ही बेजॉस का बिजनेस मॉडल उनकी समझ समझ में आया था। लेकिन उन्हें अपने बेटे पर पूरा भरोसा था।

उनका ये भरोसा काम भी आया और कुछ ही समय बाद अमेजॉन के शेयर की कीमत में भारी उछाल आया। वहीं से बेजॉस का सफर शुरू हो गया था और उनके सबसे अमीर आदमी बनने की राह भी तैयार हो गई थी। बेजॉस ने अमेज़न डॉट कॉम की स्थापना कर लोगों के लिए खरीदारी को आसान बना दिया और साथ ही खरीददारी को लेकर लोगों का नज़रिया बदल दिया।

आज अमेजन डॉट कॉम को विश्व की तीसरी ऑनलाइन व्यापारिक रिटेलर कंपनी के तौर पर जाना जाता है। आज के समय में Amazon कंपनी में 20,00000 से भी अधिक कर्मचारी काम कर रहे हैं। अमेजॉन की सफलता के बाद 8 सितम्बर, 2000 को जैफ बेजॉस ने एयरोस्पेस कंपनी ब्लू ओरिजिन के स्थापना की।  इस कंपनी का उद्देश्य सामान्य लोगों को अंतरिक्ष यात्रा करना है।

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 जैफ बेजॉस की कहानी से हमें ये बातें सीखना चाहिए

1  इसमें कोई शक नहीं कि जैफ बेजॉस बचपन से ही तेज बुद्धि वाले इंसान हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि जो बचपन में बुद्धिमान नहीं वो कुछ बड़ा नहीं कर सकता। ऐसे बहुत से सफल इंसान हैं जिन्हें बचपन में मूर्ख समझा जाता था। जैसे थॉमस अल्वा एडीसन का और एलोन मस्क का नाम तो अपने सुना ही होगा।
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2   दुनियां का हर इंसान सफल होने के लिए मेहनत कर रहा है। अगर वो जैफ बेजॉस के बारे में पड़े तो उसे बेजॉस की कहानी से ऐसी बहुत सी बातें सीखने को मिलेंगी जो उसे सफलता प्राप्त करने में बहुत मदद करेंगी। जैसा कि आप ऊपर पड़ चुके हैं कि बेजॉस ने फिजिक्स पड़ने के लिए कॉलेज में एडमिशन लिया था। लेकिन उनका मन इसमें नहीं लगा और उन्होंने तुरंत इस सब्जेक्ट को छोड़कर अपनी रुचि का विषय कम्यूटर विज्ञान पड़ना शुरू किया। हम में से ऐसे बहुत से लोग होते हैं जो ऐसे काम में अपना समय बर्बाद करते हैं जो उनके लिए है ही नहीं वो भी सिर्फ इसलिए कि उसमें भविष्य में जॉब मिलने के चांसेस होते हैं। लेकिन बेजॉस को अगर देखें तो हमें अपने अन्दर की खूबियों को पहचानना चाहिए।

3   दोस्तो अमेजॉन को शुरू करने के लिए जैफ बेजॉस को अपनी जॉब छोड़नी पड़ी थी। जो कि उनके लिए बहुत मुश्किल काम था। क्यूंकि हर व्यक्ति अपने जीवन में सुरक्षा चाहता है और एक अच्छी सैलरी वाली जॉब व्यक्ति को फाइनेंशियल सुरक्षा देती है। लेकिन फिर भी बेजॉस अपनी जॉब छोड़ने का फैसला ले पाए। जब लोगों ने उनसे पूछा कि तुम इतना बड़ा रिस्क क्यूं ले रहे हो तो उन्होंने कहा 'जब में 80 साल का हो जाऊंगा तो मुझे जॉब छोड़ने का अफसोस नहीं होगा लेकिन अपना वो आईडिया जिस पर काम करके में इंटरनेट के क्षेत्र में कुछ बड़ा कर सकता हूं लोगों के लिए चीज़ों को खरीदना आसान बना सकता हूं, उस पर काम न करने का अफसोस जरूर होगा।'

4   जैफ बेजॉस हमेशा ही दूर का सोचा करते थे इसीलिए लिए उन्होंने अपनी जॉब को छोड़ने का रिस्क लिया। वो ऐसा कर पाते थे क्यूंकि वो अपने समय को फालतू की चीज़ों में व्यर्थ नहीं करते थे और हमेशा ही किताबें पड़कर जानकारी हासिल करते रहते थे। ये भी एक बड़ा कारण है इनकी सफलता का, लेकिन हम में से बहुत से लोग ऐसी इंफॉर्मेशन अपने दिमाग में भरते रहते हैं जिसकी हमारे दिमाग़ को बिल्कुल भी जरूरत नहीं होती। परिणाम स्वरूप उनका दिमाग दूर की नहीं सोच पाता और वो छोटी छोटी बातों में उलझ कर रह जाता है।
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5   जिस तरह अगर हम उल्टी सीधी चीज़े खाकर अपने पेट को भरते हैं तो हमारा पेट खराब हो जाता है, लेकिन अगर हम खाने पीने का ध्यान रखते हैं तभी हमारा पाचन ठीक रहता है और हम स्वस्थ रहते हैं। ऐसे ही अगर हम अपने दिमाग में जाने वाली हर सूचना को नियंत्रित करें यानि नकरात्मक बातों और गैर जरूरी बातों को अपने दिमाग में जाने से रोके तो हमारा दिमाग भी अच्छा सोच पाएगा। इसके लिए हमें अपने समय की बर्बादी को बंद करना होगा और किताबों या इंटरनेट से आवश्यक जानकारी को हासिल करना होगा।


दोस्तो में उम्मीद करता हूं कि दुनियां के सबसे अमीर इंसान जैफ बेजॉस की जीवनी से आपको बहुत कुछ सीखने को मिला होगा और इस कहानी ने आपको प्रेरित किया होगा। आप कमेंट के माध्यम से हमें बता सकते हैं और ज्यादा से ज्यादा लोगों को प्रेरित करने के लिए इस कहानी को अपने दोस्तों के साथ शेयर करके हमारी मदद भी कर सकते हैं।

धन्यवाद्।

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